सोफिया - १०

ऐसा नहीं है कि अब बदल गया हूँ मैं
मैं तो ऐसा ही था तुम्हारे आने से पहले भी
बस जब तुम थीं यहाँ, एक दरवाज़ा खुल गया था
मेरे और दुनिया के बीच।

अब वह फिर बंद है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Fatal Familial Insomnia

सपनों की टोली

तुम बिन, जाऊं कहाँ...