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अप्रैल, 2012 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
अलमारी के सबसे निचले खाने में भगवान को बसा कर लगता था मेरे साथ हैं वे. फिर एक रात कमरे में आए वे, मुझसे कुछ देर बातें कीं, सुबह उठा तो अकेला था. उस सुबह से इंतज़ार है उनका. Always wanted a personal god for myself...