पुनर्जन्म

प्रिय अ,
न जाने कैसे लिख सका Roberto Bolano
The Ghost of Edna Lieberman
बिना मुझसे बतियाए.

जाने कैसे
चुरा लिए मेरे सीने से भाव,
भर दिए उस कविता में,
और दे दिया एक नया नाम तुम्हें.

टिप्पणियाँ

भैया, हमने तो राबर्टो बोलेनो को नहीं पढा और न आपने ‘सीने में सुलगते अरमां’ को... तो चुप है॥ फिर न कहना- चुप हूं तो कलेजा जलता है, बोलूं तो तेरी[अ की] रुसवाई है :)

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