मुखौटा

कैसे
बिना जाने
कि एक मुखौटा है
छिप भी जाऊं
इस चेहरे के पीछे
जो तुम सब के साथ मिल
बनाया है?

टिप्पणियाँ

Lipi ने कहा…
"चेहरे पर चेहरे को मढ़ना यदि मैंने सीख लिया होता : घर बैठे बिना किये कुछ भी सारा जग जीत लिया होता." (देवराज अंकल)

ek hee sentence ko tod ke poem bana dee :P
जाने क्यों लोग दगा देते हैं
चेहरे पे चेहरा लगा लेते हैं :(