प्रेम लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप नवंबर 03, 2009 रेंगते हुएघुस जाने दो मुझेचूल्हे में,तपने दो मुझे.फिर से न खोजना चाहूँ वह गुफादूर करने के लिए यह ठण्ड. लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ चंद्रमौलेश्वर प्रसाद ने कहा… तपने ही से तो कंचन बनता है :) Haresh ने कहा… A little different and odd, but nice post :)
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