siamese twins

सब जगह,
तुम दिखते हो
मेरे आस-पास.
बोलते रहते हो
मेरे कानों में
लगातार.
भिंच जाती हैं
जब भी मेरी आखें,
तुम वर्णन करने लगते हो
उस दृश्य का.
तुम्हारी खोपडी खोल कर
सेकना चाहता हूँ तुम्हारा दिमाग,
तवे पर,
छोटे-छोटे टुकडों में,
परत दर परत.
पर
डर लगता है
अपनी मौत का.
मेरे सयुज सखा!
टिप्पणियाँ
Dimaag kathe?
Dimagbhakshi!