पर क़तर देंगे

उसने बांधा, एक लाल धागा, मेरी कलाई पर
उसने कहा, बांधे रखेगा यह मेरी आत्मा को, मुझसे मुझमें।
वह घबरा गई थी, टूटते देख सारे बंधन
मेरी आत्मा देखी थी उसने
उड़ते हुए।

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